शीर्ष प्रश्न
समयरेखा
चैट
परिप्रेक्ष्य

उमास्वामी

दार्शनिक, जैन विद्वान, सूत्रकार विकिपीडिया से, मुक्त विश्वकोश

उमास्वामी
Remove ads

आचार्य उमास्वामी, जो कि उमास्वाति नाम से भी प्रसिद्ध है, बहुमुखी प्रतिभा के धनी भारतीय विद्वान तथा महान दर्शनिक थे। उन्होंने तत्त्वार्थसूत्र नामक महान और विद्वत्तापूर्ण कृति लिखकर दार्शनिक परम्परा की सूत्रशैली में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

सामान्य तथ्य उमास्वामी, धर्म ...

आचार्य उमास्वामी, आचार्य कुन्दकुन्द के पट्टशिष्य थे और विक्रम की प्रथम शताब्दी के अन्तिम काल में तथा द्वितीय शताब्दी के पूर्वार्द्ध में भारतभूमि को सुशोभित कर रहे थे।

आचार्य उमास्वामी उन गौरवशाली आचार्यों में हैं, जिन्हें समग्र जैन आचार्य परम्परा में पूर्ण प्रामाणिकता एवं असीम सम्मान प्राप्त है।

Remove ads

निजी जीवन

आचार्य उमास्वामी अत्यंत निस्पृही दिगम्बर साधु थे; उन्होंने महान कार्य करने के बाद भी अपना परिचय कहीं नहीं दिया। जो कुछ भी प्राप्त है, वह पर्याप्त नहीं है।

आचार्य उमास्वामी ने 18 वर्ष की अल्पावस्था में ही दीक्षा ले ली थी। लगभग 43 वर्ष की उम्र में आचार्य कुन्दकुन्द ने आपको आचार्य पद दिया। आपकी कुल आयु लगभग 84 वर्ष थी।

जो कुछ प्राप्त होता है, वह पर्याप्त नहीं है।

तत्त्वार्थसूत्र

आचार्य उमास्वामी ने मात्र एक ग्रंथ ही लिखकर समस्त दार्शनिक परम्परा में ख्याति अर्जित की।

उनके द्वारा रचित ग्रंथ का नाम है तत्त्वार्थसूत्र। इस ग्रन्थ में सूत्रप्रणाली से जैनदर्शन के विशद तत्त्वज्ञान का वर्णन निहित है।

इस ग्रंथ में कुल 10 अध्याय तथा 357 सूत्र है।

इन्हें भी देखें

सन्दर्भ

संदर्भ सूची

Loading related searches...

Wikiwand - on

Seamless Wikipedia browsing. On steroids.

Remove ads